जान लो मनुष्य में चरीत्र कितना महत्त्व है
एक पुरूष और महिला का चरित्र कैसे निर्धारित होता है ? Veer यदि प्रभाव अच्छे हों तो चरित्र अच्छा होता है और यदि ये प्रभाव खराब हों, तो चरित्र बुरा होता है। चरित्र निर्माण की इस प्रक्रिया से जहां यह निर्धारित होता है कि कोई व्यक्ति आगे चलकर कैसा बनेगा, वहीं यह भी तय होता है कि इससे भावी समाज और संसार का निर्माण कैसा होगा। आज अगर हम अपने आसपास भ्रष्टाचार, दुराचार और ऐसी ही समस्याओं की अधिकता देख रहे हैं, तो इन समस्याओं का मूल कारण चरित्र निर्माण के महान कार्य की लगातार उपेक्षा किया जाना है। क्षणिक सुखों और छोटे स्वार्थों की दौड़ में लोग जीवन के इस सबसे महत्वपूर्ण कार्य यानी चरित्र निर्माण को भुला बैठे हैं। यही वजह है कि ऊपरी तौर पर विकास के नए-नए रेकॉर्ड बनाने के बावजूद हमारा समाज नैतिक मूल्यों के पतन की समस्या से बुरी तरह जूझ रहा है। इसका परिणाम गंभीर मनोरोगों से लेकर कलह, अशांति और गहन विषाद के रूप में निकल रहा है। चरित्र निर्माण के अभाव में इन समस्याओं का कोई उचित समाधान भी नहीं निकल पा रहा है। इसलिए आज सबसे जरूरी यह है कि लोग चरित्र निर्माण को अपनी प...