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यादाश्त क्षीण हो रही है😇

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 अगर आपकी भी यादाश्त आपके ही सामने कमजोर पड़ रही है तो उसके कारण और निवारण सब जानेंगे इस पोस्ट में चलिए शुरू करते हैं। बिना किसी फालतू की बकवास किए बिना चलते हैं अपने टॉपिक पर _________________________________________🧞 मैं मुद्दा इस  बात पर उठाना चाहता हूं कि हमारी याददाश्त पहले बेहतर होती है बाद में धीरे-धीरे हमारे ही आंखों के सामने 🫡 अर्थात कृष्ण जी की भाषा में कहें तो हम धीरे-धीरे कुछ बातें कुछ से भी अधिक बातें भूलते जा रहे हैं  Example*****लक्षण*** 1) कोई कुछ कहता है तो थोड़ी ही देर में भूल जाते हैं l 2) एक काम के बीच में अगर दूसरा कोई काम आ जाता है तो पहला वाला काम भूल जाते हैं। 3)  किसी को कुछ वस्तु दे देते हैं तो थोड़े समय के बाद में भूल जाते हैं कि दी थी या नहीं। 4) कोई गणना करने में समस्या आ जाती है इसके बुरे प्रभाव******* 1) काम बिगड़ जाते हैं। 2) बड़ों की गालियां सुन्नी पड़ती है। 3)बाजार मैं अनेकों गड़बड़ी हो जातु है। 4) कोई भी डेली रूटीन कार्य नहीं कर सकते। 5) यात्रा के समय कई चीजें छूट जाती है कारण****** 1)  ज्यादा फोन यूज करना । 2)  हार्मोन ...

आत्मज्ञानी इतना हँसते क्यों हैं? - एक ज़ेन कथा

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 एक ज़ेन मठ था जिसमें सभी शिष्य अपने गुरु के पास रह कर सीखते थे। उन शिष्यों में, सबसे नया आया हुआ एक शिष्य सबसे ज्यादा सक्रिय था और बहुत सारा काम करता था। यदि गुरु को कुछ चाहिये होता, तो वह सबसे पहले गुरु के पास पहुँच जाता। गुरु द्वारा बताया गया कोई भी कार्य वो तुरंत ही कर देता। वो सबसे अंत में सोता और सबसे पहले जाग जाता, और रोजमर्रा के कामकाज शुरू कर देता था। गुरु ने यह सब देखा और एक दिन उन्होंने उससे पूछा, "यहाँ आने से पहले, तुम कहाँ थे"? शिष्य ने उत्तर दिया, "मैं शालिंग क्यू के पास सीख रहा था"। "अच्छा, शालिंग क्यू ! मैंने उनके बारे में सुना है। एक बार जब वे एक पुल पर से गुजर रहे थे तो फिसल गये और पानी में गिर गये थे। ठीक है न "? "जी, गुरुदेव"। "क्या तुम्हें पता है कि उन्हें उसी क्षण आत्मज्ञान प्राप्त हो गया था"? "मैं ये नहीं जानता पर अपने आत्मज्ञान के बारे में उन्होंने एक कविता लिखी है"। "क्या तुम्हें वो कविता याद है"? "जी, गुरुदेव, मुझे याद है"। "तो मुझे सुनाओ"! "मुझे एक मोती मिला है, बहु...

आत्मज्ञान कैसे प्राप्त करें

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    आत्म ज्ञान पाने में कितना वक्त लगता है? कोई भी काम करने से पहले हम अनुमान लगाते हैं कि वो कितना वक्त लेगा। एक साधक ने यही आत्मज्ञान के बारे में जानना चाहा और सद्‌गुरु से पूछा कि आत्मज्ञान में कितना समय लगता है। जानते हैं सद्गुरु का उत्तर प्रश्न : आत्म ज्ञान पाने में कितना वक्त लगता है? आत्मज्ञानी: सवाल वक्त का नहीं है, बल्कि सवाल यह है कि आप कब कोशिश करेंगे? ‘इसमें कितना वक्त लगता है’- ये तो कोई सवाल ही नहीं हो सकता। अगर आप सचमुच आत्म-ज्ञान पाना चाहते हैं, तो सोचिए, क्या इसमें वक्त लगना चाहिए? पर इसमें वक्त लगता है, क्योंकि आप अपना सब-कुछ एक ही बार में नहीं लगाते; किस्तों में लगाते हैं। ____________________________________ तो यह आपकी मर्जी है कि आप छोटी-छोटी किस्तों में करके सौ जन्मों में इसे पूरा करना चाहते हैं, या आज ही उसे पूरा कर लेना चाहते हैं। इसमें कितना वक्त लगता है, यह इस बात पर निर्भर करता है कि आपमें ज्ञान की लालसा कितनी तीव्र है। अगर यह जानकारी इंटरनेट पर मिलने वाली होती तो हर कोई यह जानना चाहता कि मौत के बाद क्या होगा। अगर लॉग-इन कर के फटाफट जानकारी मिल सकती त...
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मृत्यु के 14 प्रकार एक नहीं 14 होते हैं  राम रावण युद्ध चल रहा था, तब अंगद रावण को बोले- तू तो मरा हुआ है, तुझे मारने से क्या फायदा!?!?!? *रावण बोला– मैं जीवित हूँ, मरा हुआ कैसे?* अंगद बोले सिर्फ साँस लेने वालों को जीवित नहीं कहते- साँस तो लुहार का भाता भी लेता है *…*.. तब अंगद ने 14 प्रकार की मृत्यु बतलाई *…*.. * अंगद द्वारा रावण को बतलाई गई, ये बातें आज के दौर में भी लागू होती हैं …*.. यदि किसी व्यक्ति में इन 14 दुर्गुणों में से एक दुर्गुण भी आ जाता है तो वह मृतक समान हो जाता है !! * विचार करें कहीं यह दुर्गुण हमारे पास तो नहीं हैं, कि हमें मृतक समान माना जाये …*.. *1) कामवास :-* जो व्यक्ति अत्यन्त भोगी हो, कामवासना में लिप्त रहता हो, जो संसार के भोगों में उलझा हुआ हो, वह मृत समान है; जिसके मन की इच्छाएं कभी खत्म नहीं होती और जो प्राणी सिर्फ अपनी इच्छाओं के अधीन होकर ही जीता है, वह मृत समान है; वह अध्यात्म का सेवन नहीं करता है, सदैव वासना में लीन रहता है !! *2) वाममार्गी :-* जो व्यक्ति पूरी दुनिया से उल्टा चले, जो संसार की हर बात के पीछे नकारात्मकता खोजता हो; नियमों, परंपराओं और ...

अपनी बॉडी अपनी शक्ति

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अपने बॉडी के अनुसार पालन करें सही डाइट और एक्सरसाइज, जानें इनमें से किस टाइप की है आपकी बॉडी? अगर आप अपने शरीर के टाइप को सही से पहचान कर डाइट और एक्सरसाइज नहीं करते तो, तो आपकी फिट रहने की सारी मेहनत बर्बाद हो सकती है।  हम में से बहुत से लोग नहीं जानते हैं कि हमारा शरीर किस प्रकार का है। जबकि किसी भी आहार और डाइट का असर हमारे शरीर पर तभी होता है, जब हम अपने शरीर के अनुसार ही इसकी पालन करते हैं। इसलिए सही प्रकार के आहार और व्यायाम का निर्धारण (Best diet and exercise as per body type) करने के लिए, व्यक्ति को पहले अपने शरीर के प्रकार को जानना चाहिए। आपके शरीर का प्रकार क्या है (what is your body type)? आमतौर पर शरीर के 3 मुख्य प्रकार होते हैं: एक्टोमॉर्फ (Ectomorphs), एंडोमोर्फ (Endomorphs) और मेसोमॉर्फ (Mesomorphs)। किसी का भी शरीर इन्हीं तीनों टाइप का होता है। वहीं ये समझने के लिए की आपकी बॉडी कैसी और आपको किस तरह का डाइट और एक्सरसाइज करना चाहिए, तो आपको इन तीनों को विस्तार से समझना होगा। एक्टोमॉर्फ (Ectomorphs) एक्टोमॉर्फ टाइप के बॉडी वाले लोगों में लंबे और पतले अंग होते हैं। आप उ...

जान लो मनुष्य में चरीत्र कितना महत्त्व है

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एक पुरूष और महिला का चरित्र कैसे निर्धारित होता है ? Veer यदि प्रभाव अच्छे हों तो चरित्र अच्छा होता है और यदि ये प्रभाव खराब हों, तो चरित्र बुरा होता है। चरित्र निर्माण की इस प्रक्रिया से जहां यह निर्धारित होता है कि कोई व्यक्ति आगे चलकर कैसा बनेगा, वहीं यह भी तय होता है कि इससे भावी समाज और संसार का निर्माण कैसा होगा। आज अगर हम अपने आसपास भ्रष्टाचार, दुराचार और ऐसी ही समस्याओं की अधिकता देख रहे हैं, तो इन समस्याओं का मूल कारण चरित्र निर्माण के महान कार्य की लगातार उपेक्षा किया जाना है। क्षणिक सुखों और छोटे स्वार्थों की दौड़ में लोग जीवन के इस सबसे महत्वपूर्ण कार्य यानी चरित्र निर्माण को भुला बैठे हैं। यही वजह है कि ऊपरी तौर पर विकास के नए-नए रेकॉर्ड बनाने के बावजूद हमारा समाज नैतिक मूल्यों के पतन की समस्या से बुरी तरह जूझ रहा है। इसका परिणाम गंभीर मनोरोगों से लेकर कलह, अशांति और गहन विषाद के रूप में निकल रहा है। चरित्र निर्माण के अभाव में इन समस्याओं का कोई उचित समाधान भी नहीं निकल पा रहा है। इसलिए आज सबसे जरूरी यह है कि लोग चरित्र निर्माण को अपनी प...

मुझे पता है पढ़ाई वाले ही पढ़ने का यह नियम/तरीका देखेंगे

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पढ़ाई की ऐसी युक्तियां (Hacks)  जिसे प्रत्येक छात्र को जानना चाहिए? Edit By Veer Rajpurohit Veer Rahpurohit आप औसत छात्र हो या टॉपर, मगर मैं गारंटी लेता हूँ कि अगर आप इन युक्तियों(Hacks) का अनुसरण करेंगे तो आप निश्चित ही पढ़ाई में शीर्ष पर होंगे क्या आपका ध्यान आसानी से बट जाता है? कम लाइट का इस्तमाल करे   (ज्यादा जानकारी के लिए संपादन 1 देखे) Simple Light Book Photo जरा सोचे कि आप कुर्सी मेज पर बैठकर गणित के प्रश्नो को हल कर रहे है एक सवाल करने के बाद आप की नज़र दायी तरफ पड़ती और वहां पर आपको फिजिक्स की किताब दिखती है और आपको याद आता है "अरे मैंने तो फिजिक्स का असाइनमेंट अभी तक नहीं किया है" इसके बाद आप गणित की किताब को छोड़कर फिजिक्स के असाइनमेंट करने लगते है और फिर एक प्रश्न करने के बाद आपकी नज़र बायीं ओर केमिस्ट्री की किताब पर पड़ती है ओर केमिस्ट्री के असाइनमेंट की भी यही कहानी है आप का ध्यान फिर से बट जाता है परिणामस्वरुप आप मैथ्स, फिजिक्स, केमिस्ट्री में से किसी का भी असाइनमेंट नहीं कर पाते है और आपका समय बर्बाद हो जाता है ...