डकार आने की वास्तविकता

  • डकार पेट में वायु के संतुलन के लिए आती है
  • डकार एक सामान्य शारीरिक क्रिया है
  • मस्तिष्क पेट को गैस निकालने का आदेश देता है


–– ADVERTISEMENT ––
















भोजन करते समय भोजन के साथ हमारे पेट में हवा भी जाती रहती है। पेट और भोजन की नली के बीच एक दरवाजा होता है जो भोजन अंदर जाते समय खुल जाता है। भोजन एक बार पेट में चला गया, तो ये खुद से बंद हो जाता है। इस क्रिया से पेट में हवा इकट्ठी हो जाती है। ये हवा अगर ज्यादा मात्रा में इकट्ठी हो जाए, तो हमारा मस्तिष्क इस हवा को निकालने का आदेश देता है। इस आदेश से शरीर की कुछ मांसपेशियां कड़ी हो जाती हैं और हमारे भोजन की नली और पेट के बीच का दरवाजा कुछ देर के लिए खुल जाता है। इससे पेट में इकट्ठा गैस निकल जाती है और हमें तुरंत डकार आ जाती है। पेट से निकलते समय ये गैस भोजन की नली में एक तरह का कंपन पैदा करती है, जिसकी आवाज हमें बाहर सुनाई देती है। 
                     

मस्तिष्क भेजता आदेश

कई बार जब पेट में गैस हो और वो निकल न पा रही हो, तो पेट में इस दबाव की वजह से दर्द होने लगता है और खाना पचने की क्रिया भी प्रभावित होती है। अगर ये दर्द सामान्य कारणों से है, तो सोडा या नींबू पानी पीने से निकल जाती है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि ये पदार्थ पेट में जाकर गैस बनाते हैं। अतिरिक्त गैस से पेट में गैस का दबाव बढ़ता है और मस्तिष्क पेट को तुरंत गैस निकालने का आदेश दे देता है।
डकार एक सामान्य शारीरिक क्रिया है इसलिए इसका आना आपके पेट में सब कुछ ठीक होने का संकेत है। लेकिन अगर यही डकार बहुत ज्याद आने लगे और पेट दर्द और बेचैनी बढ़ने लगे, तो ये किसी बीमारी का संकेत भी हो सकता है। बार-बार डकार आने से आपको ऐरोफेजिया, बदहजमी या पुरानी कब्ज भी हो सकती है। इसलिए अगर डकार जल्दी-जल्दी आ रही है और ठीक नहीं हो रही है, तो आपको तुरंत डॉक्टर से मिलना चाहिए।

खाना खाते समय इन बातों का रखें ध्यान

  • खाना खाते समय निवाले छोटे-छोटे खाएं
  • खाने को अच्छी तरह चबाएं जिससे भोजन में लार अच्छे से मिल जाए
  • खाना चबाते समय मुंह को बंद रखें
  • खाना शांति से खाएं और खाते समय बात न करें

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

लाल मिट्टी/ गेरू का कमाल

यादाश्त क्षीण हो रही है😇

अपनी बॉडी अपनी शक्ति