लाल मिट्टी/ गेरू का कमाल
गेरू मिट्टी--
- इसका स्वाद फिका होता है.
- इसकी प्रकृति ठंडी और रुखी होती है.
- मिटटी के बर्तनों में जैसे मटका, कुल्हड़ आदि में इसी का लेप
होता है, जो सूक्ष्म मात्रा में पेट में जाता है और औषधीय लाभ
पहुंचाता है.
- लाल रंग की इस मिट्टी का प्रयोग मिट्टी खाने वाले बच्चों को
मिट्टी के दुष्पभावों से बचाने के लिए किया जाता है। गेरू को घी में
तलकर शहद मिलाकर देने से बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार आता है।
जिनका स्वास्थ्य मिट्टी खाने की आदत के कारण बिगड़ गया है।
- गेरू और तिल के फूलों को साथ में पीसकर इसका सर पर लेप
गंजेपन से बचाता है.
- इसका लेप ग्रहण के दुष्प्रभावों से बचाता है. द्वार पर, रसोई घर या
भण्डार गृह के द्वार पर इसका स्वस्तिक बना दे. इससे हानिकारक
तरंगे यह अवशोषित कर लेगा.
- गर्भवती के पेट पर ग्रहण काल में इसका लेप करें.
- यह रक्त प्रदर को रोकती है.२ ग्राम गेरू और दस ग्राम फिटकरी
को पीस कर इसकी एक ग्राम मात्रा सुबह शाम दूध के साथ ले.
- गेरू को आग में तपाकर पानी में डाल कर ठंडा करे. इस पानी को
पिलाने से उल्टी रुक जाती है.
- रंगोली बनाने के लिए पहले इसका लेप किया जाता है.
- आधुनिक समय में तरह-तरह के कीटनाशक बाजार में आकर
बेअसर साबित हो रहे हैं। अनाज तो नहीं बच रहे उलट किसान इन
महंगे कीटनाशकों से लुटने पर मजबूर हैं। लेकिन ईसा पूर्व दूसरी-
चौथी शताब्दी शातवाहन काल में किसानों के पास बेहद प्रभावी
और आसानी से उपलब्ध कीटनाशक गेरु था जिससे वे अपने
| अनाज की सुरक्षा करते थे।
- गेरू हल्की पीली से लेकर गहरी लाल, भूरी या बैंगनी रंग की
मिट्टी जो लोह ऑक्साइड से ढंकी रहती है।
- यह दो प्रकार की होती है। एक का आधार चिकनी मिट्टी होती है।
तथा दूसरे का खड़िया मिश्रित मिट्टी। दोनों जातियों में से प्रथम का
रंग अधिक शुद्ध तथा दर्शनीय होता है।
- कुछ प्रकार के गेरू पीस लेने पर ही काम में लाने योग्य हो जाते हैं,
किंतु अन्य को निस्तापित करना पड़ता है, जिससे उनके रंगों में
परिवर्तन हो जाता है और तब वे काम के होते हैं।
- प्रसिद्ध गेरू, जिसको रोमन मृत्तिका कहते हैं, प्राकृतिक अवस्था में
धूमिल रंग का होता है, किंतु निस्तापित करने पर यह कलाकारों को
प्रिय, सुंदर भूरे रंग का हो जाता है।
- जिस गेरू में कार्बनिक पदार्थ अधिक होता है उसे निस्तापित
करके वार्निश या तेल में मिलाने पर, शीघ्र सूखने का गुण बढ़ जाता
- बहुत सा गेरू कृत्रिम रीति से भी तैयार किया जाता है।
- गेरू का उपयोग सोने के आभूषणों पर ओज या चमक लाने तथा
कपड़ा रँगने के विविध प्रकार के रंगों और तैल रंग तैयार करने में
होता है।
Thanks All Of

गेरु का उपयोग . औषधी के रूप मे भी होता है क्या?
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